क्या था विज्ञापन?
GIVA के रक्षाबंधन अभियान में कृति सेनन नजर आई थीं। विज्ञापन में रक्षाबंधन के मौके पर परिवार और पालतू जानवरों के साथ त्योहार मनाने की थीम दिखाई गई थी। विज्ञापन सामने आने के बाद कुछ लोगों ने कृति के पहनावे और इसके प्रस्तुतीकरण को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये आपत्तियां कुछ सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं थीं। इन्हें सभी लोगों की राय या किसी आधिकारिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
कंगना रनौत ने भी दी प्रतिक्रिया
विवाद के बीच अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने भी विज्ञापन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कृति के पहनावे और विज्ञापन के प्रस्तुतीकरण को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
कृति सेनन ने दिया जवाब
कृति सेनन ने आलोचनाओं पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने पक्ष को रखते हुए कहा कि त्योहारों की भावना केवल कपड़ों से तय नहीं होती, बल्कि उनसे जुड़े भावनात्मक जुड़ाव और परंपराओं से होती है। कृति ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के बीच प्यार और सुरक्षा के रिश्ते से जोड़ा और बताया कि उनके लिए उनके पालतू जानवर भी परिवार का हिस्सा हैं।
GIVA ने विज्ञापन वापस लिया
विवाद के बाद GIVA ने 26 अगस्त को विज्ञापन वापस लेने की घोषणा की। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि वह भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का सम्मान करती है। GIVA ने कहा कि यदि विज्ञापन से समाज के किसी वर्ग की भावनाएं अनजाने में आहत हुई हैं, तो ऐसा करना उसका उद्देश्य नहीं था। कंपनी ने सम्मान के तौर पर संबंधित विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से वापस लेने की बात कही।
अब तक क्या हुआ?
- GIVA ने कृति सेनन के साथ रक्षाबंधन विज्ञापन जारी किया।
- विज्ञापन के पहनावे और प्रस्तुतीकरण को लेकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने आपत्ति जताई।
- कंगना रनौत ने भी विज्ञापन पर प्रतिक्रिया दी।
- कृति सेनन ने आलोचनाओं के जवाब में अपना पक्ष रखा।
- GIVA ने विज्ञापन को सभी मीडिया से वापस लेने की घोषणा कर दी।
निष्कर्ष
कृति सेनन का GIVA रक्षाबंधन विज्ञापन सोशल मीडिया पर हुई आलोचना के बाद वापस ले लिया गया है। विवाद विज्ञापन में दिखाए गए पहनावे और उसके प्रस्तुतीकरण को लेकर शुरू हुआ था। कृति सेनन ने अपनी प्रतिक्रिया में अपना पक्ष रखा, जबकि GIVA ने स्पष्ट किया कि किसी की भावनाओं को आहत करना उसका उद्देश्य नहीं था।
नोट: यह खबर 26 अगस्त 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। अपुष्ट सोशल मीडिया दावों को तथ्य के रूप में शामिल नहीं किया गया है।


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